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Dhwani 02
यह कार्यक्रम सूर्यकांत त्रिपाठी निराला द्वारा रचित कविता ध्वनि पर आधारित है, इसमें मानव को उसकी शक्ति का अहसास दिलाने के लिए उसकी युवावस्था की तुलना वसंत ऋतु से की गई है।
Kale Badal
यह कार्यक्रम सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित कविता काले बादल पर आधारित है, इसमें घने काले बादलों की तुलना मानव समाज पर मँडराती विपत्तियों से की गई है तथा इन बादलों के बीच चमकती चाँदी की रेखा जैसी बिजली को आशा की किरण के समान बताया गया है।
Main Neer Bharee Dukh Ki Badli
यह कार्यक्रम कवियित्री महादेवी वर्मा द्वारा रचित कविता मैं नीर भरी दुःख की बदली पर आधारित है, इसमें नारी को जो बदली से सम्बोधित हुई है कि व्यथा का बड़ा ही मार्मिक वर्णन किया गया है।
Main Sabse Chhoti Houn 01
यह कार्यक्रम सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित कविता मैं सबसे छोटी होऊँ पर आधारित है, इसमें एक छोटी बच्ची के माध्यम से माँ के प्रति प्रेम और स्नेह को दर्शाया गया है, छोटी बच्ची कामना करती है कि वह अपनी माँ के आँचल से कभी अलग नहीं हो।
Main Sabse Chhoti Houn 02
यह कार्यक्रम सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित कविता मैं सबसे छोटी होऊँ पर आधारित है, इसमें एक छोटी बच्ची के माध्यम से माँ के प्रति प्रेम और स्नेह को दर्शाया गया है, छोटी बच्ची कामना करती है कि वह अपनी माँ के आँचल से कभी अलग नहीं हो।
Nauka Vihar
यह कार्यक्रम सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित कविता नौका विहार पर आधारित है, इसमें कवि सुमित्रानंदन पंत ने इलाहाबाद में संगम पर नाव में यात्रा करने वाले व्यक्ति के मन में उठने वाले भावों का चित्रण किया है, कि रात्रि में संगम का दृश्य कितना मनोहारी लगता है।
Parwat Pradesh Mein Pawas 01
यह कार्यक्रम सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित कविता पर्वत प्रदेश में पावस पर आधारित है, इसमें पर्वतीय वातावरण का बड़ा ही सुन्दर वर्णन किया गया है।
Parwat Pradesh Mein Pawas 02
यह कार्यक्रम सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित कविता पर्वत प्रदेश में पावस पर आधारित है, इसमें पर्वतीय वातावरण का बड़ा ही सुन्दर वर्णन किया गया है।
Sandhya Ke Bad
यह कार्यक्रम सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित कविता संध्या के बाद पर आधारित है, इसमें ढलती हुई साँझ के समय गाँव के वातावरण, जन-जीवन और प्रकृति का सुंदर चित्रण किया गया है।
Sandhya Vandana 01
यह कार्यक्रम सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित कविता सांध्य वंदना पर आधारित है, इसमें दिन के अवसान और रात्रि के आगमन के मिलन का वर्णन किया गया है। यह दिन का वह समय होता है, जब सभी प्राणी दिन भर के परिश्रम के बाद अपने-अपने घरों की ओर जाते हैं।
Sandhya Vandana 02
यह कार्यक्रम सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित कविता सांध्य वंदना पर आधारित है, इसमें दिन के अवसान और रात्रि के आगमन के मिलन का वर्णन किया गया है। यह दिन का वह समय होता है, जब सभी प्राणी दिन भर के परिश्रम के बाद अपने-अपने घरों की ओर जाते हैं।
Todtee Pathhar
यह कार्यक्रम सूर्यकांत त्रिपाठी निराला द्वारा रचित कविता तोड़ती पत्थर पर आधारित है, इसमें मजदूर स्त्री के संघर्ष की दशा को बड़े ही मार्मिक ढंग से व्यक्त किया गया है।